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भभूता सिद्ध Bhabhuta sidh Katha

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Bhabhuta sidh
भभूता सिद्ध

Bhabhuta sidh Katha

Bhabhuta sidh was born in 1853. His Bith palace is village solanki dhani that situated in jaisalmer district, Rajasthan. bhabhuta sidh bhabhuta sidh ke bhajan bhabuta song abhuta sidh maharaj ki katha

गुरु भभूता सिद्ध जी का जन्म (1853 लगभग ) में राजस्थान के जैसलमेर जिले के गिरासर गांव के पास बसी सोलंकयारी ढाणी में गोविन्द सिंह जी के यह हुआ ।गोविन्द सिंह जी निःसंतान थे ।  सावन भादो के दिन थे चारो तरफ मूसलाधार बारिश हो रही थी । नदी नाले अपने उफान पर थे , चारो तरफ हरियाली छायी हुयी थी सब बहुत खुश थे ।

ऐसे समय में परम पिता परमेश्वर ने अपनी लीला रची और साधु का भेष बना कर निरंजन नाम से अलख जागते हुए गांव गिरासर की तरफ चल पड़ते है । सधी के वस्त्र भीगे हुए थे झोला व कम्बल में पानी भरा हुआ था । लटाओं से टप टप  पानी टपक रहा था। 
चलते चलते  बाबा निरंजन सोलंकी ढांणी पहुँचते है और गोविन्द सिंह के घर के सामने जाकर ठहरते है उस समय गोविन्द सिंह की धर्मपत्नी अपनी गायो का दूध निकल रही थी , बाबा निरंजन अलख जागते “अलख निरंजन ” व संख बजाते है संख की आवाज सुन कर गाये बिदक जाती है और लात मरकर दूध बिखेर देती है दुष बिखरने  से गोविन्द सिंह की घरवाली का पारा सातवे आसमान पर पहुँच जाता है और वह क्रोध के आवेश में साधु महाराज को भला बुरा कहकर अपमानित करती है , हट्टी कट्टी कंचन सी काया लेकर भीख मांगते हुए तुझे सरम नही आती ,भगवा वाना पहन लिया , लंबा टिक लगा लिया और चल दिए मांगने  खाने ढोंगी कही के 

बाबा निरंजन उनके तानो की परवाह न करते हुए हँसते हुए कहते है माता दोष क्यों लगाती हो हम तो पल दो पल के मेहमान है अभी आये है और चले जायेंगे ।
तभी गोविन्द सिंह की घरवाली कहती है चल चल अपना रास्ता नाप ।
बाबा निरंजन हँसते हुए आगे की तरफ चल पड़ते है , सामने कोटड़ी में बैठे न्यादर सिंह जी की नज़र उस तरफ पड़ती है वो देखते है साधु महाराज आये थे परन्तु बिना कुश लिए जा रहे है जरूर औरतो ने कुश कह दिया होगा । उस समय साधु महात्माओ को भगवन का अवतार समझते थे । न्यादर सिंह जी व गोविन्द सिंह जी हाथ में पानी का लोटा लेकर निरंजन बाबा के पीछे पीछे भागते है और चरणों में लिपट कर माफ़ी मांगते है । काफी मिन्नते करने के बाद बाबा निरंजन जी उन्हें माफ़ी देकर माफ़ कर देते है तब न्यादर सिंह जी बाबा निरंजन जी को अपने घर चलने के नये निमंत्रण देते है । बाबा निरंजन उनके साथ उनके घर आते है और नाड़ी खुदवाने का हुकम देते है नाड़ी खुदवाई जाती है जिसमे पानी भर जाता है ,वहा पर नीम का पेड़ लगाया जाता है  बाबा निरंजन बारह महीने तक वहाँ तपस्या करते है गोविन्द सिंह व उनकी पत्नी दोनों रात दिन बाबा निरंजन जी की सेवा में तन मन से लगे रहते है ।

बाबा निरंजन उनकी सेवा सत्कार के बहुत खुश होते है और एक रात्रि में गोविन्द सिंह से कहते है मै तुम्हारी सेवा भगति से बहुत खुश हु , जो भी इच्छा हो मांगों , जो मांगोगे वही मिलेगा । तब गोविन्द सिंह जी हाथ जोड़कर पार्थना करते है गुरु महाराज आपकी दया से किसी चीज़ की कोई कमी नही है अन्न धन से भंडार भरे पड़े है बस एक बात का दुःख है इतना एक बात का दुःख है इतना सब कुछ होते हुए भी निःसंतान होने के कारण कोई हमारा मुह नही देखना चाहता सब मुझे अशूभ समझते है । Bhabhuta Sidh

बाबा निरंजन उनको सांत्वना देकर धीरज बांधते है और धुणें उठा कर भभूति देते है और कहते है संकोच मत करो तुम्हारे तीन पुत्र और एक पुत्री पैदा होंगे लेकिन एक शर्त है सब से पहला बालक तुझे बक्शीश करना होगा मै उसे अपना शिष्य बनाकर अपने पास रखूँगा । गोविन्द सिंह जी कहते है मुझे मंजूर है मै वचन देता हु अपना पहला पुत्र आपकी सेवा में समर्पित कर दूंगा बाबा निरंजन वहाँ से प्रस्थान करते है और काली नाड़ी के जंगलो में जाकर धूणा रमाते है। और अखंड तपस्या में लीन हो जाते है ।

नौंवे महीने में गोविन्द सिंह के घर बालक का जन्म होता है जिसका नाम भभूता सिद्ध रखा जाता है पुरे गांव में खुशियां मनाई जाती है समय समय पर दो बालक और एक कन्या का जन्म होता है । जिसके नाम शेरसिंह , नरसिंह, और सिंगारो रखा जाता है ।

मोह ममता के बंधन में गोविन्द सिंह साधु महाराज के किये वादे को भूल जाते है , तब पॉँच वर्ष बाद बाबा निरंजन आकर उन्हें अपने वादे की याद दिलाते है तब गोविन्द सिंह चरणों में लिपट कर प्राथना करता है , महाराज अभी तो ये बहुत छोटा है कुछ समझदार हो जाये तब ले जाना ये तो आपकी ही अमानत है । 
बाबा निरंजन फिर लौट जाते है इसी तरह चार वर्ष और बीत जाते है बाबा निरंजन जी फिर आते है और अपने वादे की याद दिलाते है । इस बार फिर पुत्र मोह में फसा गोविन्द सिंह पैर पकड़ कर मिन्नत करता है और थोड़े समय की मोहलत मांगता है । तब निरंजन बाबा क्रोधित होकर उन्हें चेतावनी देते है की अब हम नही आएंगे तुम्हे खुद इसे लेकर हमारे पास आओगे । अगर तुम नही आये तो हम अपनी से खुद इसे अपने पास बुला लेंगे उसका परिणाम तुम खुद भुगतोगे । हमे दोष मत देना  इतना कहकर निरंजन बाबा काली नाड़ी की दिशा में प्रस्थान कर जाते है 

 उधर गोविन्द सिंह पुत्र मोह में इसके बाद नही अपना वचन पूरा नही कर पाता ।
भभूता सिद्ध जी दस वर्ष की आयु में रेवड़ चराने लगते है । इनके साथ उनके भाई  शेरसिंह और नरसिंह भी उनकी सहायता करते थे । भभूता सिद्ध की माता बिड़मदे उन्हें समझती है और आगाह करती है की कभी भी काली नाड़ी जंगल में खोखा खेजड़ा के पास मत जाना bhabhuta Sidh

एक बार भभूता सिद्ध जी जंगल में हरी घास तलाशते हुए अपने पशुओ के लेकर जंगल जंगल घूम रहे थे की तभी किसी ने आकर बताया की चराणे के जंगल में बहुत लंबी लंबी हरी हरी घास है । क्योंकि चराणा की धरती धोरो की धरती के नाम से मसहूर थी चराणा का नाम सुनते ही भभूता सिद्ध जी का दिल कच्चा हो गया तब भभूता सिद्ध जी को उदास देखकर शेरसिंह और नरसिंह जी उन्हें घर जाने की सलाह देते है लकिन भभूता सिद्ध यह कह कर टाल देते है की पशु तुम्हारे बस में नही आएंगे और कोई न कोई पहु खो जायेगा उधर भभूता सिद्ध की मामी जी उन्हें रात में मैंने आपके बारे में बहुत भयंकर सपना देखा है तब भभूता सिद्ध बताते है की रात में मुझे भी सपने में हीरे मोती दिखाई दिए थे । वहाँ काली नाड़ी में खड़े निरंजन बाबा अपनी शक्ति  से भभूता सिद्ध जी को उस और खीच रहे थे । माता की सिख भूल कर भभूता सिद्ध जी मंत्र मुग्द होकर चराणे की और चल पड़ते है । शाम के समय वे काली नाड़ी पहुँचते है तो क्या देखते है की कोखे खेजड़े पे बैठे निरंजन बाबा उन्हें आवाज़ देकर अपने पास बुला रहे है।

भभूता ओ भभूता     
भभूता सिद्ध जी  सुध बुध बिसरा चमत्कारी शक्ति से खिंचे नाड़ी के खोखे खेजड़े के पास पहुँचते है फिर उसके ऊपर चढ़कर अपने गांव की तरफ निहारते है तभी खोखे खेजड़े के खोल में से एक काल नाग निकलता है और पीवणा द्वारा { सास से सास मिलाकर खीचने को पीवणा कहते है } भभूता सिद्ध जी की सांसे खीच लेते है । भभूता सिद्ध जी का निर्जीव शरीर निचे जमीं पर आकर गिरता है ।

भभूता सिद्ध जी के भाई और सागे साथी भागकर गाँव में जाकर इस हादसे की सुचना देते है । पूरा परिवार व पूरा गाँव रोते पीटते हुए काली नाड़ी जंगल में पहुँचते है तभी गोविन्द सिंह को अपनी गलती का अहसास होता है और वह सरसर पटक पटक पश्चताप करते है की अगर मैंने साधु महाराज की बात मान ली होती तो आज ये दिन ना देखना पड़ता । वे निरंजन बाबा से अपने किये की माफ़ी मांगते है मेरे से बहुत बड़ा अपराध हो गया है मुझे माफ़ करो ।

तभी आकाश वाणी होती है रोना धोना बंद करो और ध्यान से सुनो इस बालक का यही पे मंदिर बनवा दो और भादो सुदी छठ का मेला भरवाओ ये बालक अपनी चमत्कारी शक्ति से दिन दुखियो का दुःख दर्द दूर करेगा । खेर तुमने तो अपना वचन का पालन नही किआ लकिन फिर भी तुम्हे वरदान देता हु , तुम्हारी पीढ़ी दर पीढ़ी पीर प्रकट होंगे पीढ़ी दर पीढ़ी नही तो सौ साल बाद तुम्हारे परिवार में एक पीर प्रकट होगा ।
बाबा निरंजन के अनुसार गोविन्द सिंह जी के परिवार में नखत बन्ना महाराज प्रकट हुए जो की दिन दुखियो के दुःख दर्द दूर कर रहे है।  जो साँप का कटा ज़हर भी मिटा देते है सोलंकी ढांणी में आज भी नखत बन्ना महाराज का स्थान बना हुआ है।
काली नाड़ी में भभूता सिद्ध जी का मंदिर बनाया गया है जो की काली नाड़ी मंदिर के नाम से विख्यात है।  जहाँ हर साल भादवे की चांदनी छठ को विशाल मेला भारत है।  जिसमे भारत के कोने कोने से भक्तजन जय जयकार लगाने आते है।  और श्रद्धा पूर्वक भभूता सिद्ध जी की पूजा अर्चना करते है ।यही भबूता सिद्ध जी महाराज कलांतर में सूक्षम शरीर में चगोई के जंगल में जाते है जहाँ उन्हें पशु चराते हुए भनीण गांव के जोतराम जी गोदारा मिलते है।Jotram.com
भभूता सिद्ध जी शरीर धारण करके उनके सामने जाते है और जोतराम जी से अपना परिचय बतलाते है भभूता सिद्ध जी जोतराम जी से अत्यधिक प्रभावित होते है । और जोतराम जी भी उनसे बहुत प्रभावित होते है जोतराम जी उन्हें अपना शिष्य बनाने का आग्रह करते है और भभूता सिद्ध जी जोतराम जी के सर पर हाथ रख कर विधि पूर्वक उन्हें अपना शिष्य बनाते है।  भभूता सिद्ध जी की संगति से जोतराम जी के मन में परमार्थ की भावना जागृत होती है तब जोतराम जी दिन दुखियो के वास्ते परमार्थ करने की बात गुरु जी को बताते है गुरु महाराज कहते है की इस कार्य को करने की लिए  तुझे  मोह माया ये पाँच तत्व का शरीर त्याग करना पड़ेगा।  क्या तुम ऐसा कर सकते हो तब बाबा जोतराम जी ने कहा परमार्थ के कार्य के लिए में एक तो क्या हज़ारो शरीर भी त्याग सकता हु लेकिन परमाथ जरूर करूँगा ।
भभूता सिद्ध महाराज के आदेशानुसार जोतराम जी पीवणा द्वारा अपने शरीर का त्याग करते है।  उनकी ज्योति गुरु भभूता सिद्ध महाराज की अखण्ड ज्योति में लीन हो जाती है तभी से गुरु चेले साथ साथ रहते है और परमार्थ के कार्य करते है तथा दिन दुखियो का दुःख दर्द दूर करते है
जय हो बाबा निरंजन जी की । जय हो गुरु भभूता सिद्ध जी की । जय हो बाबा जोतराम जी महाराज की

Bhabhuta sidh Bhajan

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Download श्याम बाबा के भजन

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सांवरिया खिचे डोर Download
खर्चा भेज दे सांवरिया मेला आया Download
घर घर सांवरिया आएगा Download
दुनिया से में हारा आया तेरे दवार Download
मेरा आपकी किर्पा से Download
सबसे बड़ी सरकार Download
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खाटू श्याम जी आरती Download
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श्याम बाबा की जय खाटू वाले की जय Download
तेरे आगे लाज मुझे आती नहीं Download
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खाटू ना जावूँ तो जी घबराता है Download
मेरा श्याम रंगीला Download
रंग रंगीला फाल्गुन मेला Download
श्याम अमृतवाणी Download
श्याम धनी सा कोई दातार Download
भगतो की पुकार है Download
भर रे श्याम झोली Download

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आ गयी माँ काली मरघट ने छोड़ के Download
माता रानी आ जाइयो Download
काली तेरे गले मालाDownload
मैया ने दरबार सजाया Download
तेरे बिना कोई ना मेरा सहारा काली माँ Download
तुझे जब मनु महाकालीDownload
मेरी मरघट आली आइये माता काली Download
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माँ काली कुछ बोल ऋ Download
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Mata ke Navratri Bhajan 2022 Durga Mata bhajan

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Mata Rani Bhajan

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Bhajan Mata ji ke

01.AAJA MAA EK BAAR MERE GHAR
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02.CHOTI CHOTI MAIYA CHOTA CHOTA SHER
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03.MAIN TO MAA KO MANAUNGI
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04.JAMMU KI TICKET KATWA DO MERI MAIYA
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05.AMBE TU HAI JAGDAMBE KALI
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06.SASU JAUNGI GUDGAME AALI KE
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07.MAIYA KA BHAWAN SAJWA DUNGI
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08.HEY MAA SHERA WALI GARIBI BAHUT BURI
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09.MAA EK BAAR AA JAO FIR AA KAR CHALI JANA
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10.ODHI ODHI MAIYE NE LAAL CHUNRI
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11.DEVI MAA TERI KARU KADAI
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12.TERA LAGA DIYA DARBAR MAIYA AA JAO
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13.CHOTI SI JHOPDIYA MERI MAA
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14.MAIYA TERE BHAROSE MERI GAADI
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15.DARSHAN KARKE MAIYA KE
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16.BHAGTO KO DARSHAN DE GAYI RE EK CHOTI SE KANYA
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17.AAJA RI BHAWANI MAT WAAR KARIYE
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18.BOL SHERO WALI TUJHE KYA KAHA JAYE
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19.MAA TERI DUNIA ME KYA HO RAHA HAI
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20.HUMKO YE TO BATA DO MAIYA
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नखत बन्ना भजन Nakhat banna bhajan

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Nakhat Banna
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  1. आज सोने रो सूरज उगो  –Download
  2. आरती नखत बन्ना री –Download
  3. बरस बरस म्हारे इन्दर राजा –Download
  4. भगत बुलावे भागे आओ सोलंकी राजा –Download
  5. चलो रे भगतो दर पे बुलावे नखत बन्ना –Download
  6. चारणवाला धाम जगत में निराला –Download
  7. धयावे जोरा बाई –Download
  8. हाय रे मोरिया –Download
  9. जागी जागी रे दिवला ऋ ज्योत –Download
  10. जग घूमिया नखत जैसा ना कोई –Download
  11. जय हो थारी नखत बन्ना सा –Download
  12. जेठ रे असाडा में गहरो गाजे –Download
  13. काली नाड़ी देवे पहरा –Download
  14. काली नाड़ी पे नखत देवे पहरा –Download
  15. मत रोवे सुन कान्हा रे –Download
  16. मेरे नखत बन्ना सा कीर्तन में आना होगा –Download
  17. मेरे नखत बन्ना सा कीर्तन में आना होगा-Download
  18. मोरिया नखत बन्ना भजन –Download
  19. नखत बन्ना आज दर्शन देवण –Download
  20. नखत बन्ना आवे रे –Download
  21. नखत बन्ना अमृतवाणी –Download
  22. नखत बन्ना रे दिवला जगिया –Download
  23. नखत बन्ना रो घोडियो –Download
  24. नखत बन्ना सा आंगणा आया –Download
  25. नखत बन्ना सा सब में माया बात रहे –Download
  26. नखत बन्ना तेरी शान पे –Download
  27. नखत बनना नया भजन  –Download
  28. नखत कीजो बेड़ा पार –Download
  29. नखत री ज्योत जले –Download
  30. पाओ पाओ रे दर्शन नखत बन्ना रे –Download
  31. सेठ जी कैसे समझांवा थाने –Download
  32. श्याम रे सवेरे नखत बन्ना ने मनावा –Download

बाबा जोतराम Jotram Baba

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Jotram Baba
जोतराम बाबा

Who is Shri Jotram ji – श्री जोतराम जी कौन है

जोतराम जी का असली नाम “जोतराम गोदारा” है, इनका जन्म भनीण गावँ के रहने वाले चौधरी सुल्तान राम गोदारा यहाँ हुआ | श्री जोतराम जी की माता जी का नाम श्रीमती कश्तूरी देवी जी है बड़े दुःख की बात है आज माता कश्तूरी देवी जी हमारे बिच नहीं है,


श्री जोतराम जी के गुरु जी का नाम गुरु भभूता सिद्ध जी महाराज है, भभूता सिद्ध जी से जोतराम  जी की मुलाकात जगल में हुयी थी जहाँ Jotram जी अपने पशु चराने लेकर जाया करते थे, वही भभूता सिद्ध जी सूक्षम रूप में भर्मण कर रहे थे|  

भभूता सिद्ध जी से मिलने के बाद श्री जोतराम जी उनसे बहुत प्रभावित हुए और उन्हें अपना शिष्य बनाने की इच्छा जाहिर की, और अपनी जनकल्याण के इच्छा भभूता सिद्ध जी से कही, भभूता सिद्ध जी ने उनसे कहाँ आप इस शरीर में रहते हुए निस्भाव से जनकल्याण नहीं कर सकते आपको इसके लिए आपको ये शरीर त्यागना पड़ेगा, जोतराम जी ने कहा गुरु जी जनकल्याण के लिए मैं अपना शरीर त्यागने के लिए तैयार हु | और इसके बाद शनिवार के दिन भादवा उतरनी दसे (दशमी ) को पीवणा द्वारा (साँप के छाती पर बैठकर साँस पिने से ) श्री जोतराम जी ने इस शरीर का त्याग किया |
शरीर त्यागने बाद श्री जोतराम जी अपने भाई दूल्हा राम जी के मुख बोले और इसके बाद श्री जोतराम जी का भगतो के मुख बोलने सिलसिला बढ़ता ही रहा आज मेरी जानकारी के हिसाब से श्री जोतराम के धाम हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब के शहरो और गाँव में उनके भगतो द्वारा बनाये हुए है, सभी धामों पर श्री जोतरम जी पर्चा | बुझा देते है, हरियाणा और दिल्ली में कोई ऐसा शहर नहीं है जिसमे श्री जोतराम जी का धाम ना हो, श्री जोतराम जी के लिए सभी धर्म, जाती,समुदाय के लोग एक समान है, यही वजह है की श्री जोतराम जी के नाम और चमत्कारों के चर्चे हर जगह फैले हुए है,
श्री जोतराम जी इस कलयुग में किसी अवतार से कम नहीं है, जो भी इनके मंदिर में श्रद्धा और विश्वास के साथ आता है उनके काम जरूर बनते है ,
रोग कोई भी हो जोतराम जी के झाड़ा और भभूत लेने मात्र से ही दूर हो जाते है,
किसी पर कोई भी संकट हो, किसी भूत प्रेत का साया हो, इनके धाम पर जाने से सारे संकट दूर हो जाते है
किसी की तांत्रिक और सेवङो का करवाया इनके सामने कभी टिक नहीं पाता,

जोतराम बाबा के चमत्कारों की वजह से भगतजन इनको भगवान मानते है, बहुत कम बार ऐसे देखने को मिला है, कोई खाली हाथ इनके दरबार से लौटा हो.

क्या आपको श्री जोतराम धाम पर जाने की जरुरत है आइये जानते है |

कुछ ऐसी घटनाये आपके साथ हो रही है जो पहले कभी नहीं होती थी, चाहे वो आपके जीवन में हो या आपके परिवार के सदस्य के साथ, या आपके किसी रिश्तेदारो के साथ, कुछ घटनाये मैं आपको बताने जा रहा ही अगर ऐसा कुछ है तो आपको श्री जोतराम जी की सरण लेनी चाहिए ये जरूर आपका कल्याण करेंगे
“घर के किसी सदस्य का बर्ताव अजीब होने, अजीब हरकते करना, अगर किधर देखने लग जाए तो लगातार वही देखते रहना, और ये सब अचानक किसी दिन से सुरु हो जाना, (नोट- ये सब लक्षण मानसिक तनाव के भी हो सकते है, इसलिए एक बार मानसिक रोग के डॉक्टर से परामर्श करे )”
“शादी को काफी वर्ष हो जाने के बाद भी कोई संतान न हो, और डॉक्टर का इलाज करवा कर भी देख लिया हो, (श्री जोतराम जी भभूती और आशीर्वाद से संतान प्राप्ति हो जाती है, आज हज़ारो दम्पति माँ बाप बन चुके है जिन्हे कोई आस नहीं बची थी “
“कैंसर जैसी घातक बीमारी चाहे वो Blood Cancer हो शरीर के किसी हिस्से का श्री जोतराम जी भभूति और आशीर्वाद भर से ठीक हो जाता है,”

“घर का सदस्य बहुत शराब सेवन करता है, श्री जोतराम जी भभूती देकर उस व्यक्ति की शराब हमेशा के लिए छुटवा देते है,”
“घर मैं आपस में किसी की नहीं बन रही, घर में कलेश रहता है, घरवाले बीमार रहते है, कमाते बहुत हो पर पैसा कहाँ जा रहा है पता नहीं चल रहा, घर के सदस्य मरने को भाग रहे है (ऐसे हालत मैं हों सकता है किसी ने ने आप पर कोई टुना टोटका करवा दिया हो तो आपको एक बार जोतराम दरबार में जरूर जाना चाहिए )”


आपको बता दे की श्री जोतराम जी के दरबार मैं दुखियो के कष्ट भभूती और झाड़ा लगाने मात्र  ठीक हो जाते है,

आज श्री जोतराम से ऐसे लाखो लोग जुड़े हुए है जो किसी न किसी कारण से दुखी थे चाहे वो कोई बीमारी हो, निसंतान हो, भुत प्रेत का साया, या किसी ने करवा दिया हो, वे  सभी लोग आज श्री जोतराम जी के आशीर्वाद से खुश है, और उनकी सेवा में लगे हुए है,
जिस जगह हज़ारो लाखो रुपए लगा कर भी काम नहीं बना वहां श्री जोतराम जी की भभूती मात्र से कष्टों का निवारण हो  जाता है,

[श्री जोतराम जी मास और शराब का परहेज बताते है ]श्री जोतराम के सही धाम की जानकारी के लिए babajotramji@gmail.com पर संपर्क करे  या  9728660021 – 92531111535 से संपर्क करे  (ध्यान दे ये किसी भगत का नंबर नहीं है , ये जोतराम जी के एक सेवक का नंबर है जिनकी जोतराम जी में अटुट  सर्धा और  विश्वास है  और  पिछले 35+ वर्षो से जोतराम जी के सेवा में है )

नोट – श्री जोतराम जी किसी भी सेवक से कोई एडवांस फीस नही लेते है,
जोतराम जी के सभी मंदिरो में बुझा देने का अलग टाइम और दिन है |

धन्यवाद्

 
 
baba_jotram
 

निरंजन गाथा Niranjan Nath Gatha

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Niranjan Nath
निरंजन नाथ

Know More About Niranjan Baba who is Niranjan baba where he come and where he go

सूक्ष्म सागर धाम की पस्तुति
गुरु भभूता सिद्ध देश पित्तर जोतराम जी की असीम कृपा से
हरि ॐ निरंजन, अलख निरंजन, हरी ॐ निरंजन।

निरंजन रूप निरंजनी, निरंजन महा सरूप |
निरंजन में समा रहे, अनेको अनेको सरूप ||
सुर देती सरस्वती, गुरु दिलवाए ध्यान |
विधा दे गणपती , मुक्ति दिलवाए भगवान ||

अलख मंत्र Niranjan Baba Alakh Mantra

अलख निरंजन एक रस सतगुरु दिन दयाल |
समर्थ सिर जन हार, जप सरणा गत पर्तिपाल ||

सत्य स्वरूप गाथा -Niranjan baba

अलख निरंजन कलयुग में बहुत से धर्मो के इष्ट गुरु देव है, और स्थूल व सूक्ष्म शरीर के स्वामी भी है। जिनका स्वरूप आकाश वाणी भी कहा गया है। ये दिनों लोको के स्वामी भी है जब जब धरती पर अन्याय, पाप, पर्कोप बढ़ता है तब तब यह अपने अनेको रूप सरूप धारण करके जीवो की रक्षा करता है। इनके तीनो स्वरूप एक ही है। कभी कभी अपने स्वरूप में ध्यान करके जीवो पर असीम कृपा करता है, स्थूल व सूक्ष्म में अपनी लीलाए दिखा कर आलोप हो जाता है और अपने सरूप में धरती पे यति, जती, साधू सावंत सुरमा सरूप में जीवो का कल्याण व पुरुषार्थ करता है।

इनके मन और माया के अनेक सरूप है भगत जनो ने समझाया है की इनकी लटाओ से पीर, ललाट से देह अवतार, मुख मण्डल से शेष अवतार, हाथ व पैर लगाने से करोडो में सुरमा व सावत प्रकट होते है। इनकी लीला संसार में प्रकट होती रहती है यह पंच भोतिक तत्व प्रधान भी है और यह सृष्टी में कुछ हद तक प्रलय करने के स्वामी भी है।

इनके स्वरूप की रचना कोई जिव नहीं कर सकता और ये अपनी चमत्कारी शक्ति नहीं दिखाता, सब कुछ जीवो पर डाल देता है और आलोप हो जाता है। सुर, जन, मुनि, सिद्ध, समाध, साधू अलख निरंजन को ही जपते है। इनके ध्यान के बिना संत जन भी अधूरे है, क्योंकि संतो का पहला पड़ाव निरंजन ही है। और अपनी तीनो गद्दी धरती, पवन, आकाश, में लीन रहता है और संसार में भक्ति, शक्ति का संचार करके जीवो पर असीम कृपा करता है।

निरंजन भक्ति का यह पहला पड़ाव है, सूफी व संत को यह गुरु दीक्षा देकर निरंजन भक्ति का संचार करता करते है। निरंजन देव को त्रिनेत्र भी कहा गया है जिसमे दिव्य ज्योति का प्रकाश होता है। इस प्रकाश को कुंडली चक्र में भी देखा जा सकता है इस चक्र को सहसार चक्र भी कहते है इस चक्र का स्थान मस्तिष्क है यह समस्त प्रकाश के ज्ञान की उत्पत्ति का स्थान है। ज्ञान दाता गुरु ही सत गुरु का निवास स्थान भी है यह स्थान ब्रह्म स्थान, शिखर लोक, अमर लोक, भवर गुफा, शिव लोक स्थान, मुक्ति स्थान, अमृत लोक आदि नामो से विख्यात है।

साधको को जीवन मुक्त अवस्था यही से प्राप्त होती है, और सुरती रूप पनिहारी रात दिन पानी भरती रहती है। जिसमे जिव आत्म ज्ञान को प्राप्त करके आध्यात्मिकता की और जाने लगता है। हमे बाबा निरंजन जी की लीलाओ पर थोडा प्रकाश डाल कर जो जीव कलयुग में अपने पथ से भटक गए है, उन्हें प्रेम सर्धा विश्वास से इस सत्य गाथा व मंत्र, आरती के सेवा भाव को समझाया गया है ताकि जीव भ्रम से निकल कर भगवान की भक्ति, शक्ति प्रेम श्रधा पर विश्वास कर सके जो भगत जन इस गाथा, मंगल आरती, मंत्र जाप करेगा उसको सेवा भक्ति, मोक्ष पथ मिलेगा

निरंजन ज्योत – Niranjan Jyot

बाबा अलख निरंजन का प्रसाद व सेवा जागरण से पहले लगती है
निरंजन बाबा का भोग व सेवा गुरु भभूता सिद्ध देश पित्तर जोतराम जी से आज्ञा लेकर लगाये

  1. 1 भगवा चादर
  2. 1 कच्चा नारियल, धुप/5 अगरबती,सेंट/इत्र, 5 लॉन्ग-5 इलायची,
  3. मेहँदी +7 टिक्की ,रोली 7 टिक्की दरबार में लगानी , बीडी\सिगरेट, फल-केला,सेब,अनार,संतरा
  4. मीठा पान, पांच पेड़े, 5 इमरती,देसी घी की ज्योत
    भोग लगाकर सभी में बाट देना है

पारदर्शी मंत्र –जाप -Niranjan Mantra

उभय दादश मंत्र के जाप जपे कोई जन |
अर्थ विचारे कहे सुने लटे मोक्ष का पथ ||

अविचल मंत्र, अमर मंत्र,अखय मंत्र, अभय मंत्र, राम मंत्र, निजसार मंत्र, संजीवन मंत्र, सविरज मंत्र, सुंदर मंत्र, शिरोमणि मंत्र, आपार मंत्र, निराकार मंत्र, अलख मंत्र, अकल मंत्र, अगात मंत्र, आभार मंत्र, अंनंत मंत्र, राया मंत्र, नूर मंत्र, तेज मंत्र, ज्योति मंत्र, प्रकाश मंत्र, परम मंत्र, पाया मंत्र. दीक्षा गुरु उपदेश नमो निरंजन नमो निरंजन।


पंच परमेश्वर मंगल माही आरती अलख निरंजन

निरंजन आरती Nirnajan Aarti

निराकार तेरी आरती, अनन्त भुवन की राय || टेक
सुर नर सब सेवा करे, ब्रह्मा विष्णु महेश
देव तुम्हारा भेद ना जाने, पार ना जावे शेष || टेक

चन्द सुर आरती करे, नमो निरंजन देव
धरती पवन आकाश आराधे, सर्वि तुम्हारे सेव || टेक

सकल भुवन सेवा करे, मुनिवर सिद्ध समाध
दीन लीन हो रहे संतजन, अविगत के आराध || टेक

जय जय जीवन राम हमारे, भक्ति करे ल्यो लाय
निराकार की आरती करे, गुरु बलि बलि जाय || टेक

आपका छोटा सा सेवक राजकुमार यादव, भिवानी . आपसे अरदास करता है की कोई गलती रह गयी हो तो आपके सुझाव आमंत्रित है संपर्क – 9253111535, 9728660021 (Website – Jotram.com)

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Jotram baba Bhajan by mukesh Sharma

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mukesh jotram bhajan
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Baba jotram Bhajan By Mukesh Urlaniya

Baba jotram Bhajan 2021 By Mukesh Urlaniya now launched This Month, that write by Dinesh Yadav, Hayatpuriya & Mukesh Urania  & parti that bhajan dedicated to jotram Bhanin Mandir, Mukesh Sharma Nowadays Top Rated Singer that sing Baba jotram bhajan. He sings 200  plus jotram song in last 2 years, He is growing Fast, People Like His Bhajans. Now we Are Providing His All Jotram MP3 bhajans with One Click Download links, Download & Enjoy……..

New Baba Jotram Bhajan – Mukesh Sharma

Bhajan पर क्लिक करे डाउनलोड Start हो जायेगा 

  1.  लागे कसूती गुरु चेले की जोड़ी 
  2. रंगली ये जिंदगी तेरे नाम जोतराम 
  3. धोलें  धाम पे जोतराम 
  4. तेरा स्वर्ग से प्यारा लागे धाम 
  5. भनीण गावं का जाट संकट काटे 
  6. भगता से लाड करे मेरा बाबा 
  7. मैं तेरे चरणों की धूल 
  8. एक सहारा मेरा संसार में  
  9. खूब सजाया तेरा भवन 
  10. तेरे धुनें पे निरंजन नाथ मेरे 
  11. मेरे संकट काटो ने बाबा ज्योत पे 
  12. सज्जा भभूता सिद्ध दरबार काली नाड़ी में 
  13. बाबा निरंजन नाथ बैठा धुनें पे 
  14. भभूता मेरी झोली भर दे 
  15. चला तेरी मोर छड़ी का जादू  

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  1. जादू ऐसा चलावे से  
  2. काली नाड़ी वाले बस हमारा है तू  
  3.  लगादु कान के पीछे टिक्का D
  4.  मेरे बाबा का standard हाई है 
  5. नौकर मैंने लगा ले ने  
  6. साचो तेरा नाम है  
  7. तेरे प्यार में जोतराम गोदारा  
  8. भनीण गांव में बैठा बाबा झंडा गाड़ के  
  9. धूल तेरे चरणों की सिश लगा के  
  10. दुनिया में डंका बाजे बाबा तेरे नाम का  
  11. जग में जोतराम बलवान  
  12. जोतराम की सच्चे दिल से से सेवा लेनी चाहिए  
  13. काली नाड़ी आया हु मैं तेरे दरबार 
  14. काली नाड़ी में बैठा सिद्ध फ़क़ीर  
  15. मैं होया दीवाना तेरा या दुनिया ढ़ोग बतावे  
  16. मैं माला फेरूंगा माला में मणिये चार  
  17. मेरे बाबा निरंजन नाथ प्रणाम तुम्हारे चरणों में  
  18. नौकर लगाले दरबार में Do
  19. नोवमी आयी रे थारे भगता ने सजायो दरबार  
  20. सर्धा से जिसने बुलाये मेरे नाथ निरंजन आये  

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  1. तेरी ज्योत पे जोतराम मेरे मस्ती छाने लगी  
  2. थारा रुक्का से हरयाणे में 
  3. नमोः निरंजन शिव भोला  link not updated
  4. हुक्के की दो घुट मारके  link not updated
  5. डूबते को देता है सहारा  मेरा बाबा काली नाड़ी वाला   link not updated
  6. बाबा हो गया दीवाना तेरे धाम का  
  7. बाबा जोतराम तेरा धाम देख के  
  8. बड़ी धूम धाम ते आयी हो बाबा तेरा दरबार 
  9. धीरे धीरे संकट काट जायेंगे
  10. कौन कहे बाबा ना देता 
  11. मैंने बेटा देदे बाँझ कहवे नर नारी 
  12. मेरे सर पे धरिए हाथ 
  13. तेरा भूलू ना एहसान मेरे जोतराम 
  14. तेरे भगत की भी कर ले संभाल जोतराम
  15. तेरी ज्योत पे जोतराम मेरे मस्ती छाने लगी 
  16. चाल जीतपुरा धाम 
  17. डाक कावड़िये नाचे गाना जोतराम का 
  18. जीतपुर में डंडे था दिए  
  19. जोतराम ने झोली सबकी भरनी ऐ भरनी 
  20. म्हारा दाता जोतराम  

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  1. सात फेरी  -REMIX 
  2. सबसे निराला बाबा बागड़ी 
  3. सारे जग में डंका बाजे 
  4. सारे संकट काटे तेरी भभूति 
  5. नो जोतराम गोदारा 
  6. यो संकट काटे धर धर के 
  7. जीतपुरा मैं भीड़ का लग रहा लारा 
  8. भगत हरयाणे का 
  9. रोवती ने थाम लिए  
  10. मैं ओढ़ पीलिया आऊँ 
  11. दीवाना मैं भी हो गया 
  12. पने भगतो की झोली छप्पर फाड़ के भरे 
  13. मेरे बाबा का ऐसा खज़ाना  
  14. जिस दिन से देखा तेरा दरबार  
  15. मन्ने राम की सू बाबा  
  16. मेरे जोतराम जी क्यों बन बैठा पत्थर का 
  17. तेरी दीवानी नाथ जी 
  18. मै आयी थारे सुनके  
  19. नखत बन्ना बिगड़ी बनावे भगता की 
  20. तेरे जीतपुरा धाम बने सारे मेरे काम  
  21. खूब सज़्ज़ा तेरा दरबार 
  22. जोतराम मेरे काम तू बना दे  

जोतराम जी के 700 से ज्यादा New भजन डाउनलोड करे -Click Here

  1. मेरे जोतराम महाराज तेरी कितनी करू बड़ाई  
  2. मन्ने संकट घन्ना सतावै से 
  3. नाम तेरा सुनका आयी काली नाड़ी वाले  
  4. तूने खूब दिया धन माल मेरे नाड़ी वाले  
  5. तेरी दया से बाबा मैंने शराब छोड़ दी 
  6. जन्मदिन मेरे बाबा का  
  7. काली नाड़ी जाकर दर्शन पाऊँगी और सात फेरी 
  8. तेरा बनके सेवादार करू प्रचार हो बाबा 
  9. भभूता तेरे नाम का दीवाना हो गया 
  10. बाबा हाथ सर पै धर दे 
  11. फेरी पै फेरी लगाइदो  
  12. होया दिवाना धाम का  
  13. जोतराम हारे का सहारा सबको मै बताऊंगा  
  14. जोतराम सा देव नहीं संसार में 
  15. कदे ना टूटे तेरा मेरा साथ जोतराम 
  16. लेजा भभूती मेरे जोतराम के नाम की 
  17. मैं दिवाना तेरे धाम का 
  18. मैं देखु बाट तेरी कब आकर दर्श दिखावेगा  
  19. मेरे जोतराम भगवान कलयुग में संकट काटनिये  
  20. निरंजन बाबा संकट ने घनी मैं सतायी 
  21. तेरे होजा वारे न्यारे जीतपुरे मैं  
  22. तेरी महिमा निराली मेरे जोतराम जी  
  23. उठे जोतराम सबके संकट काटे