[ Jotram ] Puja vidhi and Niyam

जोतराम जी सेवा नियम – jotram Sewa Rules

श्री Jotramजी की सेवा जिन जन ने ली हुयी है उनके लिए कुछ नियम श्री जोतराम जी ने बनाये हुए है जो परिवार श्री जोतराम जी से जुड़ा हुआ है उस परिवार में कोई भी मनुष्य अंडे ,मास और शराब या किसी भी प्रकार के नशे का सेवन न करे ,अगर घर में किसी को शराब की लत लगी हुयी है और वो उसे छोड़ना चाहता है तो श्री जोतराम जी भभूति देकर उसकी लत छुटवा देते है।


श्री जोतराम पूजा  – Jotram Puja Vidhi

श्री Jotram जी की पूजा के लिए घर में कोई उपयुक्त स्थान बनाये अगर पहले से आपके घर में मंदिर की जगह है तो वहां भी सभी देवी देवताओ के साथ इनकी पूजा की जा सकती है, श्री जोतराम जी की पूजा के लिए देशी घी का प्रयोग करे , और सुबह शाम इनकी पूजा करे, पूजा का सही समय सुबह सूर्य उदय से पहले और शाम को सूरज ढलने के बाद का सही बताया गया है, इसके अलावा अपनी सुविधा के हिसाब से भी पूजा की जा सकती है इसमें कोई बंधन नहीं है , श्री जोतराम जी की पूजा में एक दीये में दो ज्योत जलाई जाती है एक ज्योत श्री जोतराम जी की होती है और दूसरी इनके गुरु श्री भभूता सिद्ध जी की, दोनों गुरु चेले की ज्योत हर जगह एक साथ है जलाई जाती है।
नोट : जो सेवक घर से बहार रहता है और वहा मंदिर बना कर पूजा नहीं कर सकता तो वो सेवक सुबह शाम 2 मिनट निकाल कर श्री जोतराम जी का सुमरन करे। (jotram puja )


पूजा सामग्री – Jotram Pooja Samagri 

  1. श्री जोतराम जी की मूर्ति।
  2. मिट्टी या ताम्बे का एक दिया।
  3. देशी घी में भीगी हुयी दो ज्योत।
  4. एक धूप या दो अगरबत्ती।
  5. आरती।

जोतराम  जी  की कौन कर सकता है पूजा?

घर कोई भी सदस्य श्री जोतराम जी की पूजा कर सकता है, बिना नहाये और अपने को साफ किये बिना इनकी पूजा न करे, कौशिश करे की पूजा के समय घर में मौजूद सदस्य पूजा में शामिल हो। (jotram puja )


 व्रत की विधि और दिन  – Jotram Vart Vidhi

श्री जोतराम जी के वर्त करने का दिन चांदण की नोवमी बताई गयी है, जो महीने के एक बार आती है यानि अमास्या से नोवे दिन, वर्त के लिए सुबह उठ कर नहाने के बाद एक उपले की अंगारी बनाये, दो बीड़ी और मखाने और कच्चे नारियल का प्रसाद रखे, बीड़ी जला कर रखे बाकि विधि आम दिनों वाली ही रहती है आरती गाते हुए पूजा सम्पन करे और सूरज को जल दे, पूजा करने के बाद चाय या पानी ले सकते है, और साथ ही जोतराम जी को भी चाय का भोग लगाए और उसमे भभूती डाल कर चाय ले ,नारियल और मखाने का प्रसाद परिवार में बाट दे। (jotram puja )


व्रत कैसे खोले 

व्रत से अगले दिन व्रत खोला जाता है, सुबह उठे नहाने के बाद श्री जोतराम जी को भोग लगाने के लिए प्रसाद बनाये , प्रसाद में खीर पूरी या हलवा बनाया जा सकता है, श्री जोतराम जी को भोग लगा कर सभी प्रसाद ग्रहण करे।
आपको मन में अभी भी कोई संका या सुझाव है तो हमे [email protected]पर संपर्क करे।

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